"ये किसी शौकिया व्यक्ति का काम नहीं, ये किसी बहुत ही तेज़दिमाग़ तकनीक का काम है और उसका मतलब आम तौर पर ये होता है कि इसे किसी ने किसी ख़ास उद्देश्य को लेकर बनाया है"
ग्रेग डे, मुख्य तकनीकी अधिकारी, सिमैन्टेक
डुकु वायरस यूरोप के कई संगठनों और व्यवसायों के कंप्यूटरों पर मिला है.
इसका पता कंप्यूटरों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली कंपनी – सिमैन्टेक – ने किया जिसे उसके एक ग्राहक ने आगाह किया था.
ये वायरस स्वयं को संक्रमित कंप्यूटर सिस्टमों से 36 दिनों में अलग कर लेता है.
इससे ऐसा लगता है कि वो ख़ुफ़िया जानकारियाँ एकत्र करता होगा जिनकी सहायता से भविष्य में दूसरे साइबर हमले किए जा सकते हैं.
सिमैन्टेक ने अपने बयान में लिखा है,"स्टक्सनेट से अलग, डुकु में औद्योगिक नियंत्रण सिस्टमों से जुड़े कोड नहीं होते, ना ही वो अपने-आप बढ़ता जाता है.
"निशाना कुछ सीमित संगठनों के ख़ास हिस्सों को बनाने की कोशिश की गई."
सिमैन्टेक के मुख्य तकनीकी अधिकारी ग्रेग डे ने बीबीसी को बताया कि कि डुकु के कोड बहुत ही अधिक उम्दा थे.
उन्होंने कहा,"ये किसी शौकिया व्यक्ति का काम नहीं, ये किसी बहुत ही तेज़दिमाग़ तकनीक का काम है और उसका मतलब आम तौर पर ये होता है कि इसे किसी ने किसी ख़ास उद्देश्य को लेकर बनाया है."
मगर अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये वायरस कोई सरकार-प्रायोजित वायरस है या इसके पीछे कोई राजनीतिक निहित है.
यह सामग्री BBC Website http://www.bbc.co.uk/ से ली गई है I