Sunday, January 25, 2015

हर मोबाइल के लिए गेम्स, एप्प्स, वाल्पपेर और भी बहुत कुछ फ्री में I

आज हम आपके लिए एक ऐसी वेबसाईट लेकर आये हैं जहा पर आपको अपने मोबाइल के लिए गेम्स, एप्प्स, वाल्पपेर और भी बहुत कुछ फ्री में मिलेगा.

Softwares डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करेँ I

कुछ अनोखे सॉफ्टवेयर आपके जीवन को आसान और बेहतर बनाने के लिये I

वैसे तो सभी सॉफ्टवेयर अपने-अपने काम के अनुसार अच्‍छे होते हैं, हर किसी की अपनी अलग विशेषता होती है, कोई टाइपिंग करने के काम आता है, तो म्‍यूजिक सुनने के और कोई वीडियो देखने के जैसी जरूरत वैसा सॉफ्टवेयर, सही मायने में यह नहीं कहा जा सकता है कि दुनिया भर में कुल कितने सॉफ्टवेयर हैं, हममें से ज्‍यादातर लोग कुछ लोकप्रिय सॉफ्टवेयरों के नाम ही जानते हैं जैसे फ़ोटोशॉप, काेरल ड्रा, पेजमेकर या टैली। यह कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर हैं, जिनको हर कोई जानता है।  लेकिन इसके अलावा कुछ सॉफ्टवेयर भी हैं जिनके बारे में अापने सुना भी नहीं होगा, लेकिन यह भ्‍ाी आपके जीवन को आसान और बेहतर बनाने के लिये तैयार किये गये हैं, इनमें से कुछ को हमनें इस पोस्‍ट में संजोया है - 




  1. इस क्रम में सबसे पहले है आपके मोनीटर या एलईडी के कलर कॉन्‍ट्रास्‍ट पर नियंञण्‍ा रखने वाला सॉफ्टवेयर, इसका नाम है f.lux, इसकी विशेषता है कि यह दिन और रात के हिसाब से आपके कम्‍प्‍यूटर के स्‍क्रीन के कलर और कॉन्‍ट्रास्‍ट को अापकी अॉखों के अनुकूल बनाता है, अगर आप सुबह से लेकर रात तक कम्‍प्‍यूटर पर काम करते हैं तो यह सॉफ्टवेयर आपके काम का हो सकता है, आप इसके  f.lux की साइट से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं। 
  2. यह software मुख्‍य रूप से विकलांग व्‍यक्तियों के लिये बनाया गया है, इस software का नाम Camera Mouse है,  Camera Mouse को जून 2007 में बनाया गया था, तब से अब तक Camera Mouse करीब 2,500,000 बार Download किया जा चुका है, यह software, Windows 8, Windows 7, Windows xp को Support करता है, इसके 2014 Version को चलाने के लिये Computer में NET Framework 3.5 डालना होगा, सबसे बडी बात तो यह है कि इस software  आप Free में Download कर सकते हैं, आप केवल अपना सिर हिलाकर अपने Computer को operate कर सकते हैं Camera Mouse चलाने के लिये आपको अपने Computer पर एक Web Camera लगाना होगा और बस आपका Computer आपके इशारों पर नाचेगा।
  3. Gestures app यानी इशारा समझने वाले Application/Software. Gestures Apps आपने Android Phone में जरूर Use किया होगा, Android में air gesture App काफी लोकप्रिय है। Gestures Apps की Help से Phone या Computer को चलाना gesture control कहलाता है। gesture control से आप सभी छोटे-मोटे का केवल इशारे से कर सकते हो। इससे Search करना भी बहुत अासान हो जाता है। अगर आप Windows XP/Vista/7 या 8 Use कर रहे हैं और आप भी Gesture control चाहते हैं तो आप justgestures.com से Mouse Gestures for Windows App free Download कर सकते हैं। 
  4. आप चाहते हैं कि आपका Computer बिना password  डाले केवल आपको पहचाने और open हो जाये। अगर आपको यह असम्‍भव लग रहा है तो यकीन मानिये ऐसा एक Softwere जिसको Computer में इंस्‍टाल करने के बाद कम्‍प्‍यूटर केवल आपकी शक्‍ल देखकर ही खुलेगा। इसके लिये आपको की-लेमन  में इंस्‍टाल करना है और एक web camera लगाना है। असल में यह Softwere face recognition system पर आधारित है, इसमें बेव कैमरे द्वारा आपका फोटो लिया जाता है, जिस में Softwere आपके चेहरे के कुछ खास हिस्‍सो को पांइट कर लेता है, और database तैयार कर लेता जब आप अपने कम्‍प्‍यूटर के सामने बैठते है तो Softwere उन्‍हीं पांइटों/database के आधार पर आपके चेहरे से मैच कराता है मैच हो जाने पर वह Computer को ओपन कर देता है। 
  5. Microsoft ने एक Applications बनाई है, जिसको computer में Install करने पर computer आपके Voice Command को मानने लगेगा आप कोई भी Command देगें जैसे Cut, Copy, Paste, Open, Print आदि Command आपके बोलने के साथ पूरी कर दी जायेगी, अब इसके लिये आपको microsoft की site पर जाना होगा और Download Center से Windows Speech Recognition Macros को Download करना होगा, यह Applications केवल English Language को Support करती है यानी आपको अपनी Command केवल English Language में देनी होगी, इसके लिये omputer में कम से कम 1 GB RAM, एक good quality microphone और Windows Vista, Windows Seven or Windows 8 का होना आवश्‍यक है।

Saturday, January 24, 2015

कम्यूटर से संबधित जानकारी I


1. भारत में नई कंप्यूटर नीति की घोषणा कब की गई।

- 1984
2. कंप्यूटर भाषा में WWW का अर्थ क्या है।
- World Wide Web
3. असेंबली भाषा को यांत्रिक भाषा में परिवर्तित करता है।
- असेंबलर
4. एक किलोबाइट (KB) में कितनी बाइट होती है।
- 1024
5. विश्व का प्रथम सुपर कंप्यूटर कौनसा था।
- क्रे.क्रे. 1-एस
6. Y2K संकट को अन्य क्या नाम दिया गया।
- मिलियन बग
7. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर का नाम क्या था।
- फ्लोसावर
8. भारत के सुपर कंप्यूटर का नाम क्या है जो प्रति सेकंड एक खरब गणना करता है।
- परम-10000
9. उड़ते हुए विमान की ऊंचाई नापने के लिए कौनसा यंत्र काम में लिया जाता है।
- अल्टीमीटर
10 किस उपकरण से हवा की शक्ति व गति मापी जाती है।
- अनिमोमीटर
11. विद्युत धारा का संग्रहण किस उपकरण द्वारा किया जाता है , जो आवश्यकता पड़ने पर काम में लिया जा सकता है।
- अक्यूमुलेटर
12. सूक्ष्म जीवविज्ञान का जनक किसे कहा जाता है।
- लुई पाश्चर
13. चिकित्सा शास्त्रका जनक किस वैज्ञानिक को कहते है।
- हिप्पोक्रेट्स
14. कोशिका विज्ञान का जनक कहा जाता है।
- रॉबर्ट हुक
15. विश्व में सर्वाधिक कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश है।
- चीन

नए कंप्यूटर वायरस डुकु की चेतावनी I

स्टक्सनेट एक बहुत ही जटिल किस्म का कंप्यूटर वायरस था जिससे पिछले वर्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कंप्यूटरों पर हमला किया गया था.

समझा जाता है कि स्टक्सनेट को ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले के लिए बनाया गया था


शोधकर्ताओं को एक नए कंप्यूटर वायरस का पता चला है जिसकी तुलना स्टक्सनेट नामक उस ख़तरनाक वायरस से की जा रही है जिसने दुनिया की तमाम सरकारों को चिंता में डाल दिया था.


नए वायरस का नाम डुकु है और उसे ख़ुफ़िया जानकारियाँ जुटाने के लिए बनाया गया है.
इसका नाम डुकु इसलिए रखा गया है क्योंकि ये ऐसी फ़ाइलें बनाता है जिनके शुरू में डी क्यू लगा होता है.
इसका कोड लगभग स्टक्सनेट की ही तरह का है जिससे ऐसा लगता है कि दोनों वायरसों को बनानेवाले एक ही हैं.
स्टक्सनेट का कोड बनानेवालों की पहचान नहीं हो सकी है लेकिन संदेह इसराइल और अमरीका की सरकारों पर जाता है.
स्टक्सनेट वायरस ने सारी दुनिया में साइबर युद्ध को लेकर एक नया दौर शुरू कर दिया था और इसके बाद तमाम सरकारें अपने ज़रूरी सिस्टमों की सुरक्षा बढ़ाने के उपाय करने लगीं.
इस घटना से सरकारों के एक-दूसरे के यहाँ जासूसी करने और साइबर आतंकवाद जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में आ गए.

ख़तरा

"ये किसी शौकिया व्यक्ति का काम नहीं, ये किसी बहुत ही तेज़दिमाग़ तकनीक का काम है और उसका मतलब आम तौर पर ये होता है कि इसे किसी ने किसी ख़ास उद्देश्य को लेकर बनाया है"
ग्रेग डे, मुख्य तकनीकी अधिकारी, सिमैन्टेक
डुकु वायरस यूरोप के कई संगठनों और व्यवसायों के कंप्यूटरों पर मिला है.
इसका पता कंप्यूटरों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली कंपनी – सिमैन्टेक – ने किया जिसे उसके एक ग्राहक ने आगाह किया था.
ये वायरस स्वयं को संक्रमित कंप्यूटर सिस्टमों से 36 दिनों में अलग कर लेता है.
इससे ऐसा लगता है कि वो ख़ुफ़िया जानकारियाँ एकत्र करता होगा जिनकी सहायता से भविष्य में दूसरे साइबर हमले किए जा सकते हैं.
सिमैन्टेक ने अपने बयान में लिखा है,"स्टक्सनेट से अलग, डुकु में औद्योगिक नियंत्रण सिस्टमों से जुड़े कोड नहीं होते, ना ही वो अपने-आप बढ़ता जाता है.
"निशाना कुछ सीमित संगठनों के ख़ास हिस्सों को बनाने की कोशिश की गई."
सिमैन्टेक के मुख्य तकनीकी अधिकारी ग्रेग डे ने बीबीसी को बताया कि कि डुकु के कोड बहुत ही अधिक उम्दा थे.
उन्होंने कहा,"ये किसी शौकिया व्यक्ति का काम नहीं, ये किसी बहुत ही तेज़दिमाग़ तकनीक का काम है और उसका मतलब आम तौर पर ये होता है कि इसे किसी ने किसी ख़ास उद्देश्य को लेकर बनाया है."
मगर अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये वायरस कोई सरकार-प्रायोजित वायरस है या इसके पीछे कोई राजनीतिक निहित है.

यह सामग्री BBC Website http://www.bbc.co.uk/  से ली गई है I

Thursday, January 22, 2015

दूरदर्शन की नई तकनीक से मुफ्त दिखेंगे 600 चैनल ।

दूरदर्शन जल्द ही दुनिया की अत्याधुनिक प्रसारण तकनीक डीवीटी-2 का इस्तेमाल शुरू करेगा। इसके बाद 600 से ज्यादा फ्री चैनल दूरदर्शन के चैनलों की तरह आपके टीवी तक मुफ्त पहुंचेंगे। नई तकनीक से पेड चैनल भी दिखाए जा सकेंगे। इसके लिए भी प्रति माह कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके लिए नए ट्रांसमीटर देशभर में लगाए जा रहे हैं। दूरदर्शन की यह सेवा मार्च में शुरू की जाएगी।  क्या है तकनीक: टीवी चैनल दिखाने के लिए देश में दो तरह की व्यवस्थाएं हैं। एक तो सेटेलाइट के जरिए चैनल दिखाए जाएं जिससे फिलहाल सारे चैनल दिखाए जा रहे हैं। दूसरा ट्रांसमीटरों के जरिए प्रसारण किया जाए। ट्रांसमीटरों के जरिए प्रसारण का अधिकार सिर्फ दूरदर्शन को है। डीवीटी - 2 (डिजिटल वीडियो ब्राडकास्ट - टैरेस्ट्रियल) तकनीक के तहत दूरदर्शन अपने ट्रांसमीटरों को डिजिटल बना रहा है। इसके बाद दूरदर्शन की क्षमता एक चैनल की जगह में दस चैनल दिखाने की हो जाएगी। अब तक इस तकनीक का प्रयोग सिर्फ ब्रिटेन और कई अन्य यूरोपीय देशों में हो रहा है। इससे सेटलाइट पर बोझ घटता है। कंपनियों को भी फायदा: कई क्षेत्रीय कंपनियों को अपने चैनल देश के कुछ इलाकों में दिखाने होते हैं पर सेटेलाइट पर जगह लेने के चलते उनका चैनल पूरे देश में चलता है। वहीं, दूरदर्शन को बेहद मामूली शुल्क दे कर कंपनियां अपनी पसंद के इलाकों में प्रसारण कर सकती हैं। दूरदर्शन से चैनल दिखाना सेटेलाइट की अपेक्षा 25% तक सस्ता पड़ेगा।

यह सामग्री http://www.livehindustan.com/ से ली गई है !

Wednesday, January 21, 2015

कहानी मोबाइल की ।

चालीस साल पहले तीन अप्रैल 1973 को मोटोरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर ने अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी के एक कर्मचारी को फ़ोन कर मोबाइल फ़ोन पर बातचीत की शुरुआत की थी. इसके क़रीब 10 साल बाद मोटोरोला ने पहला मोबाइल हैंडसेट बाजार में उतारा था इसकी क़ीमत थी क़रीब दो लाख रुपये| आज दुनिया में इसके क़रीब साढ़े छह अरब उपभोक्ता हैं| मोटोरोला के पहले हैंडसेट का नाम था, डायना टीएसी इसकी बैट्री को एक बार रिचार्ज कर क़रीब 35 मिनट तक बातचीत की जा सकती थी. डायना टीएसी को बाज़ार में उतारने से पहले उसका वजन क़रीब 794 ग्राम तक कम किया गया। 


इसके बाद भी यह इतना भारी था कि इसकी चोट से किसी की जान जा सकती थी. हास्य कलाकार एरिन वाइज ने 1985 में सेंट कैथरीन बंदरगाह से वोडाफ़ोन के दफ्तर फोन कर ब्रिटेन में मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल की शुरुआत की| ओ2 के नाम से मशहूर सेलनेट ने 1985 में अपनी सेवा शुरू करके वोडाफोन का एकाधिकार तो़ड़ दिया| वोडाफ़ोन को दस लाख ग्राहक बनाने में नौ साल का समय लगा| वहीं सेलनेट ने केवल डेढ़ साल में ही अगले दस लाख ग्राहक जोड़ लिए| फ्रांसीसी व्यवसायी फ़िलिप ख़ान ने 11 जून 1997को अपनी नवजात बेटी सोफ़ी की फोटो लेकर कैमरे वाले मोबाइल फ़ोन की शुरुआत की| भारत सहित कई दूसरे देशों ने पिछले कुछ सालों में गाड़ी चलाते समय मोबाइल फ़ोन पर बात करने पर प्रतिबंधित लगा दिया है| एरिजोना के एक प्रतिष्ठान ने सितंबर 2007 में कुत्तों के लिए मोबाइल फ़ोन बाज़ार में उतारा क़रीब 25 हज़ार रुपये की क़ीमत वाला यह फ़ोन जीपीएस सैटेलाइट सुविधा से लैस था. साल 1993 में आयोजित वायरलेस वर्ल्ड कांफ्रेंस में आईबीएम सिमान नाम का पहला स्मार्टफ़ोन पेश किया गया| इसमें शुरुआती दौर की टचस्क्रीन लगी हुई थी. यह ईमेल, इलेक्ट्रिक पेजर, कैलेंडर, कैलकुलेटर और ऐड्रेस बुक के रूप में काम करता था| टैक्स मैसेज के लिए 160 अक्षरों की सीमा फ्रीडेलहम हेलीब्रांड नाम के एक जर्मन इजीनियर ने शुरू की इसका ख्याल उन्हें अपने टाइपराइटर पर काम करते हुए आया पोस्टकार्ड की लंबाई और बिजनेस टेलीग्राम के अध्ययन ने उनकी इस धारणा की पुष्टि की मोबाइल इंडस्ट्री ने इसे 1986 में मापडंद बना लिया. इसका प्रभाव हम ट्विटर पर भी देख सकते हैं. साल 2012 में एक अरब 70 करोड़मोबाइल हैंडसेट बिके| सबसे अधिक बिकने वालों में सैमसंग, नोकिया और ऐप्पल के हैंडसेट शामिल थे| ब्रिटेन में पहला एसएमएस नील पापवर्थ नाम के एक इंजीनियर ने तीन दिसंबर 1992 को ऑरबिटल 901 हैंडसेट ने अपने मित्र रिचर्ड जॉर्विस को भेजा था उन्होंने लिखा था,‘मैरी क्रिसमस| ब्रिटेन में 2011 में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं ने डेढ़ सौ अरब एसएमएस भेजे थे| एसएमएस भेजने वालों में 12 से 15 साल के बच्चों की संख्या अधिक थी| इन्होंने हर हफ्ते औसतन 193 एसएमएस भेजे| दुनिया भर में कहीं भी किसी भी समय लोग एक दूसरे से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं.एक समय था जब इसके लिए लोग बहुत वजनी हैंडसेट का इस्तेमाल करते थे| आज ये मोबाइल हैंडसेट बहुत ही पतले, छोटे और सुविधाजनक हो चुके हैं| आधुनिक मोबाइल फ़ोन इंफ्रारेड, ब्लूटूथ और अन्य वायरलेस सुविधाओं से लैस हैं| मोबाइल फ़ोन की तमाम खूबियों के बाद भी इनकी कुछ कमजोरियां भी हैं, जैसे गाड़ी चलाते समय इसका इस्तेमाल ख़तरनाक है, कई बार इसका इस्तेमाल परेशान करने में भी किया जाता है. वहीं कुछ छात्र इसका इस्तेमाल नकल करने में करते हैं| इसे देखते हुए कई स्कूलों ने कक्षाओं में मोबाइल फ़ोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है| आजकल के मोबाइल फ़ोन पर नेट बैंकिंग, वेब सर्फिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और वीडियो गेम जैसी सुविधाओं का आनंद लिया जा सकता है| शोध में पता चला है कि स्मार्टफ़ोन का उपयोग करने वाले लोग प्रतिदिन औसतन 12 मिनट फ़ोन कॉल्स पर खर्च करते हैं. मोबाइल फ़ोन के उपभोक्ता हैंडसेट पर गेम खेलने पर 14 मिनट खर्च करते हैं| मोबाइल फ़ोन के उपभोक्ता हैंडसेट पर औसतन 16 मिनट म्यूज़िक सुनते हैं वे सोशल मीडिया पर 17 मिनट बिताते हैं| ऑनलाइन ब्राउजिंग पर 25 मिनट गुजारते हैं. मोबाइल फ़ोन उपभोक्ता हैंडसेट का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल समय देखने के लिए करते हैं. अब तक सबसे ज्यादा बिकने वाले हैंडसेट का रिकॉर्ड नोकिया 1100 के नाम है, जिसके 2003 में लांच होने के बाद 25 करोड़ से अधिक सेट बिके थे| जब यह अफ़वाह उड़ी कि नोकिया 1100 का इस्तेमाल ऑनलाइन मनी ट्रांसफर को हैक करने में हो सकता है तो इसका सेकेंडहैंड सेट भी 10 हज़ार डॉलर में बिका| टच स्क्रीन मोबाइल फ़ोन, स्मार्टफ़ोन और टैबलेट कंप्यूटर के लिए एंड्रायड नाम का ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार में पेश किया| मोबाइल फ़ोन निर्माताओं ने उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को देखते हुए अब हैंडसेट में मेमोरी कार्ड के लिए जगह, फ्लिप स्क्रीन, कैमरा, टच स्क्रीन और यूएसबी पोर्ट जैसी सुविधाएं देनी शुरू कर दी हैं| भारत, अफ्रीका और ब्राजील जैसी उभरती अर्थव्यस्थाएं मोबाइल फ़ोन का प्रमुख बाज़ार हैं| भारत में हर महीने क़रीब 60 लाख मोबाइल हैंडसेट बिकते हैं| आज मोबाइल फोन पर बातचीत के लिए प्रतिदिन के रिचार्ज कूपन से लेकर मासिक बिलिंग वाले प्लान मौजूद हैं| इनके जरिए उपभोक्ता मोबाइल पर बातचीत, इंटरनेट सर्फिंग, मैसेजिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं| सोनी का नया स्मार्टफ़ोन एक्सपीरिया ज़ेड पानी में भी ख़राब नहीं होता| यही नहीं यह कंपनी के कैमरों की ही तरह एचडीआर विडियो भी रिकॉर्ड कर सकता है|


ये पोस्ट BBC के वेबसाइट से लिया गया है । इस पोस्ट का मकसद जानकारी को एक दुसरे के साथ बाटना है । 

अपने टीवी को कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल करें !

मार्केट में आज ऐसे-ऐसे उत्पाद मौजूद हैं, जो बहुत कम कीमतों में आपके पुराने टीवी को स्मार्ट टीवी में बदल सकते हैं! आप अपने टीवी को कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं!

मोबाइल बनाने वाली भारतीय कम्पनी Micromax ने एक ऐसा ही उपकरण बनाया है जिसका नाम है "स्मार्ट स्टिक" इस उपकरण के द्वारा आप बहुत आसानी से अपने पुराने टीवी को स्मार्ट टीवी में बदल सकते हैं । पैन ड्राइव के आकार की इस स्मार्ट स्टिक की मदद से न सिर्फ आपका टीवी स्मार्ट हो जाएगा, बल्कि आप टीवी पर इंटरनेट सर्फ कर सकते हैं, यू ट्यूब पर वीडियो देख सकते हैं! अगर आप सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एक्टिव रहते हैं तो इस उपकरण की मदद से आप सोशल नेटवर्क पर भी एक्टिव रह सकते हैं! Micromax Smart Stick में एक जीबी की DDR-3 रैम लगी है, इसका एक गीगाहट्र्ज का एआरएम कोर्टेक्स 5 प्रोसेसर इसे शानदार स्पीड देता है, internet का इस्तेमाल करने के लिए इसमें वाई-फाई की सुविधा भी है,इसमें 4GB nand flash मेमोरी है और अगर आप चाहे तो google play से और भी बहुत सारा सॉफ्टवेर डाउनलोड कर सकते हैं! 



Micromax Smart Stick की ऑन लाइन कीमत लगभग 5000/- रुपये है।