Saturday, March 15, 2014

कम्प्यूटर क्या है? (What is Computer?)

कम्प्यूटर क्या है? (What is Computer?)


आज का युग कम्प्यूटर का युग है.आज कम्प्यूटर किसी ना किसी रूप में हमारे जीवन से जुड़ा हुआ है. ऐसे में मस्तिष्क में कई बार यह प्रश्न उठता है कि आखिर कम्प्यूटर है क्या? आइये इसी प्रश्न का उत्तर ढूंढने का प्रयास करते हैं.कम्प्यूटर एक ऐसा यंत्र,औजार या डिवाइस (device) है जो हमारे द्वारा दिये गये आंकड़ों (डाटा) को ग्रहण कर उस पर हमारे द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार काम करता है और हमें इच्छित परिणाम प्रदान करता है. जिन निर्देशों के आधार पर कम्प्यूटर काम करता है उन्हें हम प्रोग्राम (Program) कहते हैं.हिन्दी में कम्प्यूटर को संगणक भी कहा जाता है.कई बार कम्प्यूटर के लिये हम लोग पी.सी. (P.C) शब्द का भी प्रयोग करते हैं. पी.सी. एक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब होता है पर्सनल कम्प्यूटर (Personal Computer) यानि व्यक्तिगत कम्प्यूटर.आपने शेयर्ड कम्प्यूटर (Shared Computer) का नाम भी सुना होगा.शेयर्ड कम्प्यूटर वह है जिसे कई भिन्न-भिन्न लोग उपयोग करते हैं.विशेष रूप से इसका तात्पर्य उस कम्प्यूटर से है, जो सार्वजनिक या साझा पहुँच के लिए उपलब्ध हों. जैसे शालाएँ, पुस्तकालय, इंटरनेट और गेमिंग कैफ़ेज़ और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पाए जाने वाले कम्प्यूटर.

कम्प्यूटर के संबंधित शब्दों से परिचय

कम्प्यूटर के विषय में और अधिक जानने से पहले आइये कम्प्यूटर से संबंधित तकनीकी शब्दावली से परिचित हो लें.

डाटा क्या है? (What is Data?)

आपने डाटा शब्द बहुत बार सुना होगा. इसका शाब्दिक अर्थ है आंकड़े लेकिन कम्प्यूटर के क्षेत्र में यह विभिन्न अर्थों में प्रयुक्त होता है.इसका अर्थ है कुछ तथ्य,अंक और सांख्यिकी का समूह, जिस पर प्रक्रिया करने से अर्थपूर्ण सूचना प्राप्त होती है.जैसे आप किसी स्थान के पूरे महीने के तापमान के आंकड़े एक जगह रखें तो वह मासिक तापमान का आंकड़ा होगा, यानि टैम्परेचर डाटा.कभी कभी डाटा को रॉ डाटा (Raw Data) भी कहा जाता है.इसका मतलब हुआ ऐसा डाटा जिस पर अभी कोई भी प्रक्रिया नहीं हुई है. लेकिन डाटा शब्द का उपयोग हमेशा गणितीय आंकड़ों के सन्दर्भ में ही हो यह कोई आवश्यक नहीं. अक्सर चित्र (Image) , वीडियो फाइल (Video File),फोटो (Photo),डोक्यूमैंट (Documents) आदि भी डाटा कहे जाते हैं.

प्रक्रिया क्या है ? (What is Process?)

डाटा जैसे- अक्षर, अंक, सांख्यिकी या किसी चित्र को सुव्यवस्थित करने या उनकी गणना करने को प्रक्रिया कहते हैं. किसी भी डाटा को अर्थपूर्ण जानकारी में बदलने के लिये उसे प्रक्रिया से गुजरना पड़ता हैं. इसके बाद इसे विभिन्न व्यक्ति (जिन्हें सूचना की आवश्यकता है) अपने अपने कार्य के अनुसार प्रयोग कर सकते हैं. जैसे यदि हम पिछ्ले उदाहरण के मासिक तापमान के डाटा की बात करें तो इस डाटा पर प्रक्रिया कर यह पता लगा सकते हैं इस महीने सबसे अधिक तापमान या सबसे कम तापमान क्या रहा या इस महीने का औसत तापमन क्या था.प्रक्रिया में निम्नालिखित पदो का समावेश होता है.

गणना :- जोडना, घटाना, गुणा करना, भाग देना,औसत करना.

तुलना :- बराबर, बड़ा,छोटा, शून्य, धनात्मक,ऋणात्मक.

निर्णय लेना (Decision Making) :- किसी शर्त या तर्क के आधार पर विभिन्न निर्णय लेना.

तर्क (Logic):- आवश्यक परिणाम को प्राप्त करने के लिए पदों का क्रम.


प्रक्रिया केवल संख्याओं (अंकों) की गणना को ही नहीं कहते हैं बल्कि कम्प्यूटर की सहायता से दस्तावेजों में त्रुटियाँ ढ़ूंढ़ना, टैक्ट को व्यवस्थित करना जैसे कई काम भी प्रक्रिया कहलाते हैं.







सूचना क्या है? (What is information?)

जिस डाटा पर प्रक्रिया हो चुकी हो,वह सूचना कहलाती है.अर्थपूर्ण तथ्य,अंक या सांख्यिकी सूचना होती है.दूसरो शब्दों में डाटा पर प्रक्रिया होने के बाद जो अर्थपूर्ण डाटा प्राप्त होता है, उसे ही सूचना कहते हैं.



input-output-process

सूचना के गुण ( Quality of information)

निर्णय लेने के लिये हमें सूचना की आवश्यकता होती है. किसी भी सूचना में अग्रलिखित गुण होने चाहियेः

अर्थपूर्णता : सूचना में कुछ ना कुछ अर्थ होना चाहिये.

पूर्व जानकारी से सहमति : सूचना को किसी पूर्व जानकारी का अनुमोदन (Validation) करना चाहिये.

पूर्व जानकारी में सुधार : सूचना को किसी पूर्व जानकारी में कुछ जोड़ना चाहिये या उसे सुधारना चाहिये.

संक्षिप्तता : सूचना संक्षिप्त होनी चाहिये.

शुद्धता या यथार्थता : सूचना सही होनी चाहिये ताकि उस की आधार पर निर्णय लिये जा सकें.

कम्प्यूटरों के प्रकार (Type of Computers)

1. अनुप्रयोग के आधार पर कम्प्यूटरों के प्रकार
यद्यपि कम्प्यूटर के अनेक अनुप्रयोग हैं लेकिन प्रमुख अनुप्रयोगों के आधार पर कम्प्यूटरों के तीन प्रकार होते हैं.
1. एनालॉग कम्प्यूटर
2. डिजिटल कम्प्यूटर
3. हाईब्रिड कम्प्यूटर

2. आकार के आधार पर कम्प्यूटरों के प्रकार
आकार के आधार पर हम कम्प्यूटरों को निम्न श्रेणियाँ प्रदान कर सकते हैं –
1. माइक्रो कम्प्यूटर
2. वर्क स्टेशन
3. मिनी कम्प्यूटर
4. मेनफ्रेम कम्प्यूटर
5. सुपर कम्प्यूटर

पर्सनल कम्प्यूटर ऐसे माइक्रो कम्प्यूटर हैं जो विशेष रूप से व्यक्तिगत अथवा छोटे समूह के द्वारा प्रयोग में लाए जाते हैं. इन कम्प्यूटरों को बनाने में माइक्रोप्रोसेसर मुख्य रूप से सहायक होते है. पर्सनल कम्प्यूटर निर्माण विशेष क्षेत्र तथा कार्य को ध्यान में रखकर किया जाता है उदाहरणार्थ- घरेलू कम्प्यूटर तथा कार्यालय में प्रयोग किये जाने वाले कम्प्यूटर. इसके बारे में विस्तार पूर्वक अलग से चर्चा करेंगे.

पर्सनल कम्प्यूटर के मुख्य कार्यो में गेम-खेलना, इन्टरनेट का प्रयोग, शब्द-प्रक्रिया इत्यादि शामिल हैं. पर्सनल कम्प्यूटर के कुछ व्यवसायिक कार्य निम्नलिखित हैं.

1. डिजाइनिंग करना

2. सेल्स,इन्वेन्ट्री तथा प्रोडक्शन कन्ट्रोल

3. स्प्रेडशीट कार्य

4. अकाउन्टिंग

5. सॉफ्टवेयर निर्माण

6. वेबसाइट डिजाइनिंग तथा निर्माण

7. सांख्यिकी गणना इत्यादि




ये सॉफ्टवेयर क्या होता है ?

सॉफ्टवेयर

जिनको हम हार्डवेयर पर चलाते हैं.किसी भी कम्प्यूटर को चलाने के लिये जो सबसे आवश्यक सॉफ्टवेयर है वह है ऑपरेटिंग सिस्टम. ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना आप कम्प्यूटर में काम नहीं कर सकते.

ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम व्यवस्थित रूप से जमे हुए साफ्टवेयर का समूह है जो कि आंकडो एवं निर्देश के संचरण को नियंत्रित करता है. आपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर के बीच सेतु का कार्य करता है.कम्प्यूटर का अपने आप में कोई अस्तित्व नही है.यह केवल हार्डवेयर जैसे की-बोर्ड, मॉनिटर, सी.पी.यू इत्यादि का समूह है. आपरेटिंग सिस्टम समस्त हार्डवेयर के बीच सम्बंध स्थापित करता है.आपरेटिंग सिस्टम के कारण ही प्रयोगकर्ता को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की जानकारी रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.साथ ही प्रयोगकर्ता अपने सभी कार्य तनाव रहित होकर कर सकता है.यह सिस्टम के संसाधनों को बांटता एवं व्यवस्थित करता है. ऑपरेटिंग सिस्टम के कई अन्य उपयोगी विभाग होते है जिनके कई काम केन्द्रिय प्रोसेसर द्वारा किए जाते है. उदाहरण के लिए आप प्रिटिंग का कोई काम करें तो केन्द्रिय प्रोसेसर आवश्यक आदेश देकर वह कार्य आपरेटिंग सिस्टम पर छोड देता है और वह स्वयं अगला कार्य करने लगता है. इसके अतिरिक्त फाइल को पुनः नाम देना, डायरेक्टरी की विषय सूची बदलना, डायरेक्टरी बदलना आदि कार्य आपरेटिंग सिस्टम के द्वारा किए जाते है.

आज जो सबसे प्रचलित ऑपरेटिंग सिस्टम हैं वह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा बनाये गये हैं. इनमें डॉस (DOS), विंडोज-98, विंडोज-एक्स पी, विंडोज-विस्टा प्रमुख हैं.लेकिन इन सभी को कम्प्यूटर के साथ आपको खरीदना पड़ता है. यदि आप मुफ्त का ऑपरेटिंग सिस्टम प्रयोग करना चाहते हैं तो उसके लिये लिनक्स के कई ऑपरेटिंग सिस्टम हैं जो पूरी तरह मुफ्त हैं. इनमे से कई विंडोज से कई मायने में बेहतर भी हैं लेकिन इनको सीखने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है. चुंकि अभी विंडोज ही बहु-प्रचलित ऑपरेटिंग सिस्टम है इसलिये हम उसी से संबंधित उदाहरणों का प्रयोग इस लेख में करेंगे.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर : एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर आपके रोज मर्रा की जरूरत को पूरा करते हैं. जैसे यदि आप यदि कुछ लिखना चाहें तो उसके लिये विंडोज में नोटपैड व वर्डपैड है. इसके अलावा आप ओपन ऑफिस का प्रयोग कर सकते हैं जो मुफ्त है या माइक्रोसोफ़्ट ऑफिस खरीद सकते हैं जिसमें से आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का उपयोग लिखने के लिये कर सकते हैं. इसके अलावा आप डाटा के गणितीय,सांख्यिकीय उपयोग के लिये माइक्रोसॉफ्ट एक्सल और प्रजेंटेशन बनाने के लिये पावर पॉइंन्ट का उपयोग कर सकते हैं.किसी भी प्रकार की ड्राइग के लिये विंडोज में पेन्ट नाम का सॉफ्टवेयर होता है यदि आपको एडवांस ड्राइंग करनी है तो आप गिम्प (GIMP) का प्रयोग कर सकते हैं जो कि मुफ्त है या फिर अडोब कंपनी का फोटोशॉप सॉफ्टवेयर खरीद सकते हैं.

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